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Friday, April 7, 2017

रसायन मुक्त कृषि के तीन सरल सूत्र

स्वदेशी, स्वावलंबी एवं रसायन मुक्त कृषि के तीन सरल सूत्र

(1) गोबर एवं गोमूत्र से बनाया गया अद्भुत खाद 1 एकड़ जमीन के लिए
बनाने की विधि
1. 15 किलो गोबर, 15 लीटर गोमूत्र, 1 किलो गुड(सडा हुआ), 1 किलो दाल का आटा( मुग मुसुर राहेड चना किसी भी दाल का चुरा), पुराने पेड़ की मिटटी 1 किलो क्रम से एक साथ किसी बड़े जगह में मिलायें
2. 15 दिन तक प्रतिदिन सुबह शाम डंडे से बने घोल को हिलायें
3. 16 वे दिन से प्राप्त घोल का प्रयोग खाद के रूप में किया जा सकता है
4. खेतों में इसका प्रयोग 21 दिन में एक बार पूरा करना आवश्यक है

यह अत्यंत शक्तिशाली उपयोगी खाद है जिसके प्रयोग से खेतों में उत्पादन अच्छा होता है और खेत की मिटटी हमेसा अच्छी और उपजाऊ बनी रहती है भूमि को सभी आवश्यक तत्त्व गोबर गोमूत्र से बने खाद से स्वयं ही प्राप्त हो जाता है, कीट एवं हानिकारक जंतु उत्पन्न नहीं होते, रासायनिक खादों के प्रयोग से कीट एवं जंतु अधिकांश मात्र में उत्पन्न होते हैं जो फसलों को नस्ट करते हैं

(2) जैविक कीटनाशक का निर्माण
बनाने की विधि
20 लीटर गोमूत्र , 3किलो नीम का पत्ता या निम्बोली, 3किलो धतुरा का पत्ता, 3किलो आकन्त का पत्ता, 3किलो बेल्पत्ता, 3 किलो सरीफा का पत्ता(सीताफल), 3 किलो आडू का पत्ता
1. 20 लीटर गोमूत्र में सभी पत्तियों की चटनी बनाकर डाल दें
2. मूत्र को उबालना है, उबलते समय 500 -750gm तम्बाकू का पाउडर डाल दें
3. थोड़ी देर उबलने के बाद प्राप्त घोल को ठंडा कर लें और पात्रों में भर कर रख लें
प्राप्त घोल अत्यंत प्रभावकारी कीटनाशक है यह खेत में उत्पन्न होने वाले सभी हानिकारक कीटों एवं जन्तुओं को मारने में सक्षम है
प्रयोग खेतों में प्रयोग से पूर्व 1 लीटर कीटनाशक में 20 लीटर जल मिला लें उसके बाद ही प्रयोग करें
2-3 दिनों में ही100% सभी हानिकारक कीट एवं जन्तुओं की मृत्यु हो जाती हैं फसल पर दुबारा कीट लगने की संभावनायें समाप्त हो जाती है
(3) बीज संस्कार 1kg बीज के लिए
1. 1kg गोबर एवं गोमूत्र मिलायें
2. 100 ग्राम कलई चुना 2-3 लीटर पानी में तैयार करें (शाम को पानी में डाल देने पर सुबह तक चुना तैयार हो जाता है)
3.प्राप्त चुना जल को गोबर एवं गोमूत्र में मिलायें
1kg गोबर+ 1kg गोमूत्र+ प्राप्त चुना जल
4. बीजों को अब इस घोल में डाल दें 6 -7 घंटे बाद निकालकर छांव में सुखा दीजिये
प्रयोग के बाद जो बीज हमें प्राप्त हुए हैं इनका प्रयोग करने से प्रमुख लाभ 1. फसल उत्पादन अच्छा और अधिक होता है
2. कीट लगने की संभावनायें कम रहती हैं
3. भूमि उपजाऊ बनी रहती है

प्रयोगों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश 1. गाय बैल या भेंस के मल एवं मुत्रों का उपयोग तीनो विधियों में किया जा सकता है किन्तु गाय के मल एवं मुत्रों का प्रयोग सर्वोत्तम होता है
2.प्रत्येक विधि 1 एकड़ जमीन और 1kg बीज के लिए बताई गयी है आवश्यकता अनुसार सामग्रियां दुगनी कर लीजिये

रसायन मुक्त जैविक एवं स्वदेशी कृषि के लाभ
1. प्रकृति एवं पर्यावरण से संतुलन बनाकर अच्छा और अधिक उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है
2. उत्पन्न खाद्यान्न में उचित मात्र में सभी पोषकतत्व उपलब्ध होते हैं स्वस्थ भोजन प्राप्त होता है
3.विषयुक्त भोजन एवं उनसे होने वाले असाध्य बीमारियों एवं रोगों से मुक्ति मिलती है
4. शरीर की प्रतिरोधी क्षमता का विकास होता है हम स्वस्थ और रोगों से मुक्त रहते हैं
5. कम खर्चे में अधिक लाभ कमाया जा सकता है स्वदेशी कृषि ही एक ऐसा स्वावलंबी कार्य है जिसमे 900% लाभ कमाया जा सकता है यदि हम 10 रूपये खर्च करते हैं तो 100 रूपये कमा सकते हैं
6. हमारे पशुधन का संवर्धन होता है
7.रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों में होने वाला खर्चा बच सकता है
8. स्वस्थ सुखी समृद्ध एवं स्वावलंबी भारत का निर्माण संभव है

Tuesday, December 20, 2016

Organic farming/सेंद्रिय खेती

खेती में नये युग की शुरुआत !
रासायनिक खाद और जहरीली किडनाशक के घातक परिणामों से त्रस्त होकर पूरी दुनिया अब organic farming/सेंद्रिय #खेती की ओर मुड़ चुकी है ।
आज सेंद्रिय खेती में 13 साल के अथक संशोधन बाद निर्मित एक बेजोड़ उत्पाद के कुछ खास फायदे-
* पहले साल उत्पादन में 50% बढ़ौतरी।
* अगले 3 से 5 साल में उत्पादन में 3 गुना बढ़ौतरी ।
* लागत (प्रोडक्शन कॉस्ट) में 80% की कमी । (#रासायनिक खाद/किड़नाशक की कोई जरुरत नहीं।)
और सबसे महत्वपूर्ण फायदा---
* नेचुरल इकोसिस्टम का पुनर्निर्माण:
जंगल में कोई #खाद या किड़नाशक नहीं डालता, मगर वहां लाखो साल से नए #पौधे/वृक्ष निरंतर आ रहे है;और आगे लाखो साल आते रहेंगे। इसका कारण है #जमीन में कार्यरत इकोसिस्टम ! यह प्रोडक्ट आपके जमीन में वह इकोसिस्टम पुनर्स्थापित करता है। जिसके बाद आपको इस प्रोडक्ट की भी जरुरत नहीं।
डीलर और प्रचारक-
अनेक प्रॉब्लम से परेशान किसान और #कृषि-उद्योग के लिए यह प्रोडक्ट (#Multiplier) एक वरदान है। इसके प्रचारक या #डीलर बनकर आप कृषि-उद्योग तथा किसानों का जीवन संवारने में मदद कर सकते है। #किसानों के सपने पूरे करते हुए अपने सपने भी साकार कर सकते है।
भारत की इंच इंच भूमि #ऑर्गेनिक बनाने के हमारे मिशन में आप सहयोग दे सकते है- इस मेसेज को औरों को भेजकर !
अधिक जानकारी के लिए संपर्क :
Jai Prakash Sharma
8233888830
Krishna AgriBusiness Development Pvt. Ltd.